गैर-लाभकारी संगठन
सेव द चिल्ड्रेन (Save the Children)
सेव द चिल्ड्रेन ने यूक्रेन में बच्चों की मदद करने के लिए फ़ंडरेज़िंग बढ़ाई.
यूक्रेन में चल रहे भीषण युद्ध ने गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है. बच्चों के लिए यह संकट और भी खतरनाक है जो बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से, दूसरे विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में सबसे तेज़ और सबसे बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं. युद्ध की शुरुआत से ही, 'सेव द चिल्ड्रेन' ने Meta के अलग-अलग तरह के टूल्स की मदद से सफलतापूर्क जागरूकता बढ़ाई और फ़ंड जुटाया. इससे विस्थापित हुए लाखों बच्चों और उनके परिवारों को मदद मिली है.
चुनौती
सेव द चिल्ड्रेन की स्थापना पहले विश्व युद्ध की समाप्ति पर सन 1919 में एगलंटाइन जेब ने की थी. उन्होंने ज़ोर देकर कहा था, “सभी युद्ध, चाहे वे सही हों या गलत, उनमें विनाशकारी हार हो या जीत, बच्चों के खिलाफ़ ही लड़े जाते हैं”. सेव द चिल्ड्रेन का मानना है कि हर बच्चे को अच्छा भविष्य मिलना चाहिए. अपनी शुरुआत से लेकर, इस संगठन ने दुनिया भर में 1 बिलियन से ज़्यादा बच्चों की ज़िंदगी को बदला है.
युक्रेन में हुए युद्ध ने विस्थापित हुए बच्चों को भूख, बीमारी, तस्करी और दुर्व्यवहार के खतरे के सामने लाकर खड़ा कर दिया है. सेव द चिल्ड्रेन को जल्दी से जल्दी इस हालात के बारे में जनता को जागरूक करना था, लोगों को बताना था कि वे किस तरह इस आपदा में तुरंत मदद करने के लिए तैयार थे और इस युद्ध से बड़ी संख्या में प्रभावित बच्चों को उनके परिवारों की मदद के लिए अपने फ़ंड जुटाने की कोशिशों को तेज़ करना था.
समाधान और टूल
एक इंटीग्रेटेड ओन्ड, अर्न्ड और पेड (अपने प्लेटफ़ॉर्म से मुफ़्त, तीसरे पक्ष की मदद से और पेमेंट वाले) डिजिटल कैंपेन की मदद से, सेव द चिल्ड्रेन ने सपोर्टर्स को जानकारी देना, एंगेज करना और एक्शन लेने के लिए प्रेरित करना शुरू किया. Meta के प्लेटफ़ॉर्म और फ़ंडरेज़िंग टूल्स वे अहम ज़रिया थे जिनकी मदद से सेव द चिल्ड्रेन ने अपने फ़ॉलोअर्स को यूक्रेन में अपने प्लान के बारे में बताया. इनकी मदद से वह उन संभावित सपोर्टर्स तक भी पहुँचा जो युद्ध से पीड़ित लोगों की मदद करने का ज़रिया खोज रहे थे.
सेव द चिल्ड्रेन की अमेरिका की सोशल मीडिया टीम ने एक सोशल मीडिया टूलकिट तैयार की. इसमें वे आसान तरीके बताए गए थे जिनकी मदद से एम्बेसडर्स और इंफ़्लूएंसर्स संगठन की सोशल पोस्ट और फ़ंडरेज़र आसानी से शेयर कर सकते थे. इस मुहिम के दौरान जैसे-जैसे प्रतिक्रियाएँ आ रही थीं, वैसे-वैसे तेज़ी से सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए टूलकिट में नई पोस्ट अपडेट की जा रही थीं.
Instagram की नई फ़ंड जुटाने की सुविधाएँ इस आपदा के दौरान खास तौर पर असरदार साबित हुईं. दान पाने के लिए बनाए गए फ़ंडरेज़र्स को एम्बेसडर्स आसानी से अपनी स्टोरीज़ में शेयर कर सकते थे और फ़ंडरेज़र को अपने 'आपकी जानकारी' वाले सेक्शन में भी जोड़ सकते थे. Instagram Live ने सेव द चिल्ड्रेन के इस प्रोग्राम की डिलीवरी दिखाने में भी बहुत अहम भूमिका निभाई. उनके प्रोग्राम का स्टाफ़ रिस्पॉन्स एरिया से लाइव हुआ. इसमें एक लाइव जेनिफ़र गार्नर के साथ भी किया गया जो एक मशहूर अभिनेत्री और सेव द चिल्ड्रेन की ट्रस्टी हैं, जिससे जागरूकता, ब्रांड के प्रति भरोसा और फ़ंड जुटाने में मदद मिली. यह युद्ध अब भी जारी है. ऐसे में Meta के सोशल टूल्स वे अहम प्लेटफ़ॉर्म रहे हैं जिनके ज़रिए सपोर्टर्स को दिखाया जाता है कि उनके द्वारा किए गए दान से किस तरह इस संकट से प्रभावित बच्चों व उनके परिवारों की मदद की जा रही है. यह मैसेज भावनात्मक तरीके से बयाँ किया जाता है.
परिणाम और प्रभाव
सेव द चिल्ड्रेन ने Meta के सभी फ़ंडरेज़िंग टूल्स पर पहले के मुकाबले कहीं ज़्यादा फ़ंड जुटाए. ये दान बहुत सारी सोशल मीडिया पोस्ट पर लगाए गए 'दान करें' बटन, लोगों और एम्बेसडर्स द्वारा शेयर किए गए Instagram फ़ंडरेज़र्स से लेकर इस मुद्दे के लिए चिंतित सैकड़ों लोगों द्वारा संगठन की ओर से बनाए गए पीयर-टू-पीयर फ़ंडरेज़र्स तक, सभी ज़रियों से मिले.
नीचे दिए गए परिणाम जनवरी से लेकर जून 2022 के बीच की अवधि के हैं. सेव द चिल्ड्रेन लगातार Meta टेक्नोलॉजी का उपयोग करके अपनी कोशिशें जारी रखे हुए है.
- संगठन ने पहले के मुकाबले कम समय अवधि में कम कैंपेन चलाकर ज़्यादा फ़ंड जुटाया. जनवरी से लेकर जून 2022 के बीच कुल $2 मिलियन का फ़ंड जुटाया गया – यह पिछले साल इसी समय अवधि के दौरान जुटाए गए फ़ंड से 6 गुना ज़्यादा था.
- Meta के प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए जुटाए गए फ़ंड की मदद से सेव द चिल्ड्रेन ने 255,000 लोगों की मदद की, जिनमें 122,000 से ज़्यादा बच्चे थे.
- ओन्ड कैंपेन के ज़रिए $1.7 मिलियन का फ़ंड जुटाया गया (पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 2284% बेहतर)
- $1.65 मिलियन का फ़ंड Instagram फ़ीड फ़ंडरेज़र के ज़रिए जुटाया गया.
- सेव द चिल्ड्रेन के Facebook फ़ंडरेज़र से $113.8K जुटाए गए
- 67,000 व्यक्तिगत दान हुए (पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 698% बेहतर)
- 1,500 व्यक्तिगत फ़ंडरेज़िंग कैंपेन (पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 46%)
- 19 फ़रवरी से 19 मार्च, 2022 के बीच 75% से ज़्यादा फ़ंड जुटाया गया.
सीखने लायक चीज़ें
- मार्केट के हिसाब से जल्दी कदम उठाना अहम होता है. समय से थोड़ा पहले फ़ंडरेज़र शुरू करने से उसके सफल होने की संभावना बढ़ सकती है.
- Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर एम्बेसडर्स और इन्फ़्लुएंसर्स का सपोर्ट मिलने से ज़्यादा ऑडियंस तक तेज़ी से पहुँचा जा सकता है.
- सोशल चैनल (इसमें Instagram और Facebook शामिल हैं) के लिए ऑप्टिमाइज़ की गई डिजिटल टूलकिट बनाकर मैक्रो और माइक्रो इन्फ़्लुएंसर को देने से, लोग संगठन की ओर से फ़ंड जुटा सकते हैं.
- कहानी बयाँ करने (जिसमें एक नियमित समय पर कंटेंट अपडेट होते रहें) से सपोर्टर्स के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने में मदद मिलती है और उन्हें यह भी जानकारी मिलती है कि उनका किया हुआ दान किसी की ज़िंदगी सँवार रहा है.
“यूक्रेन पर हुए हमले की वजह से जो मानवीय संकट पैदा हुआ है, उसने हमें एक ऐसी आपदा के सामने लाकर खड़ा कर दिया जो पहले कभी नहीं देखी गई और यह हमला बच्चों की आने वाली पीढ़ी के लिए इतिहास बदल कर रख देगा. बच्चों के खिलाफ़ इस युद्ध से दुनिया भर की खाद्य आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है, वह भी ऐसे समय में जब COVID-19, अन्य विवाद और जलवायु परिवर्तन ने बच्चों और उनके परिवारों के लिए भूख और सुरक्षा संबंधी खतरों को पहले ही बढ़ाया हुआ है. हालाँकि, साथ मिलकर हम चीज़ें बेहतर बना सकते हैं. अभूतपूर्व ज़रूरतों ने अभूतपूर्व उदारता के दरवाज़े भी खोले हैं, जो फ़्लैश फ़ंडरेज़र, लाइवस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर दिखने वाली एकजुटता के रूप में सामने आ रहे हैं”.
–एतोरे रोज़ेटी, हेड ऑफ़ डिजिटल मार्केटिंग एंड इनोवेशन पार्टनरशिप्स, सेव द चिल्ड्रेन


